28 February, 2018

भेड़ चाल | Behave Like Others On Inspirational Story In Hindi


भेड़ चाल | An Inspirational Story In Hindi On Behave Like Others

  बहुत समय पहले की बात है नंदगोपाल की शादी पड़ोस गांव की ही एक लड़की बरखा से हुई । नंदगोपाल बहुत ही सरल स्वभाव के थे । नंद गोपाल ज्यादा पढ़े लिखे तो नहीं थे, मगर पढ़े लिखो की संगत ने नंदगोपाल को  बहुत कुछ सिखा दिया था । कुछ दिनों बाद नंदगोपाल की पत्नी को एक पुत्र पैदा हुआ । बहुत दिनों बाद घर के आंगन में किसी बच्चे की गूंज रही, किलकारियों ने सब को खुश कर दिया । नंदगोपाल के बच्चे के आगमन पर घर मे पूजा पाठ का कार्यक्रम रखा गया । पूरे गांव को नंदगोपाल ने दावत दी । 
  इस अवसर पर आए एक महात्मा ने नंदगोपाल को बताया कि उनका पुत्र बहुत ही बुद्धिमान और आज्ञाकारी बनेगा । पुत्र के बारे में ये सब सुनकर नंदगोपाल बहुत खुश हुआ । महात्मा के कहे अनुसार उन्होंने उसका नाम बुद्धिसागर रखा । मां-बाप के लाड प्यार के बीच बुद्धिसागर बड़ा हुआ । 
  अब समय था । लाडो से पला बुद्धिसागर स्कूल जाने के नाम पर और बच्चो की तरह ही आनाकानी करने लगा । मगर कुछ ही दिनों बाद उसे स्कूल जाना अच्छा लगने लगा । घर से मिले संस्कारों के नाते वह गुरुजनों की हर आज्ञा को मानता और बड़े ही अनुशासन में रहता है । उसके इस व्यवहार से स्कूल के सभी अध्यापक बड़े प्रसन्न रहते ।
  महात्मा के बताए अनुसार वह वाकई बहुत बुद्धिमान बच्चा था । एक दिन उसके अच्छे व्यवहार और बुद्धिमत्ता के विषय में मास्टर साहब ने उसके पिता को बताया पुत्र की प्रसंशा सुनकर वह बहुत खुश हुआ । उसके घर लौटने पर पिता ने उसे, उसका पसंदीदा फुटबॉल लाकर दिया । 
  पिता से तौफा पाकर बहुत खुश हुआ । अगला दिन रविवार था यानी मस्ती का दिन । वह दिनभर अपने दोस्तों के साथ पिता से मिले नए फुटबाल के साथ खेलता रहा बुद्धिसागर, बुद्धिमान भले ही था । मगर किसी भी विषय में दूसरों के राय को वह बड़े गौर से सुनता और उनके विचारों को अपने विचारों से भी कहीं अधिक महत्व देता । उसके मन में जब भी कोई प्रश्न उठता तो उसके बारे मे वह दूसरों से भी सलाह मशवरा जरूर करता । 
  परीक्षा का दिन आ गया । बड़े ही उम्मीदों के साथ मां ने उसे दही और चीनी खिला कर स्कूल भेजा । पिता ने आज स्वयं उसे स्कूल छोड़ा । गणित विषय की परीक्षा थी पेपर में
             "2+2=?" 
का एक प्रश्न था । वैैैैसे तो वह काफी बुद्धिमान था और उसेे उस सवाल का जबाब भी बखूबी पता था । मगर उसने अपने दोस्त से भी कंफर्म करना चाहा । 
  उसने अपने साथ डेस्क पर बैठे एक लड़के से इस प्रश्न का उत्तर पूछा चूूंकि उसके दोस्त ने स्वयं दो और दो पांच लिखा था इसलिए उसने उसे भी दो और दो पांच बता दिया  । बुद्धिसागर को उसका जवाब सुनकर थोड़ा आश्चर्य हुआ ।
  उसने दोस्त से कहा "देखो दोस्त, मेरे हिसाब से तो दो और दो चार होते हैं ना की 5" 
 तो दोस्त ने कहा "लिख ले यार एकदम सही उत्तर है मैंने कल ही पढ़ा था और बगल वाले ने भी यही लिखा है"
  बुद्धिसागर सोच-विचार मे पड़ गया, उसे पता तो था कि दो और दो चार होते हैं मगर दोस्त की बातें उसके दिमाग में घर कर गई । धीरे-धीरे वह कंफ्यूज होने लगा, उसे दोस्त का जवाब ही ज्यादा सही लगने लगा । आखिरकार उसने दोस्त के उत्तर को ही सही मान लिया और कापी पर दो और दो पांच लिख दिया ।  
  थोड़ी ही देर मे बुद्धिसागर के एक दूसरे दोस्त ने वही सवाल उससे पूछा तो उसने उसे भी वही जबाब बता दिया जो उसने खुद लिखा था । कुछ देर बाद, जब वह पानी पीने को कमरे से बाहर गया तो वहा उसके कुुुुछ दूसरे दोस्त आपस मे यही सवाल डिशकस कर  रहे थे चूंकि बुद्धिसागर क्लास मे सबसे तेज था ऐसे में उन सब ने उससे भी इसका जवाब जानना चाहा उसने, उनसे भी  दो और दो पांच बताया । देखते ही देखते क्लास के सारे बच्चों ने
             "2+2=5" 
लिख ढाला । 
  जब बच्चों की कॉपियां मास्टर साहब के पास पहुंची तो सबका वही जवाब देखकर मास्टर साहब हंस पड़े । उन्होंने सारी कॉपियां उठाई और क्लास की ओर चल दिए । वहाां उन्होंने सारे बच्चों से एक-एक करके, सबके द्वारा एक ही गलती करने की वजह पूछने लगे । उन्होंने बच्चों पर सच बताने का दबाव डाला तो  "मन के सच्चे नन्हे बच्चे" झट से अपने उस दोस्त का नाम बताने लगेे जिससे पूछकर उन्होंने अपनी कॉपियों पर दो और दो पांच लिख ढाला था । 
  मास्टर साहब ने बुद्धिसागर को बुलाया और बोला "तुम तो क्लास में सबसे अव्वल हो । तुम बहुत बुद्धिमान भी हो । तुम्हें इस प्रश्न का सही उत्तर, पता भी रहा होगा । ऐसे में तुमने ये गलत जवाब क्यों लिखा"
  उसने बताया "सर, सभी ने यही उत्तर लिखा तो मुझे लगा की यही सही जबाब है" 
  मास्टर साहब ने कहा 
"किसी भी समस्या के विषय में दूसरों के विचारों को जानना सही है, मगर बिना कुछ सोचे समझे उसे सही मान लेना और उनके सुुुुझाए रास्तों पर आंख मूंदकर चल देना, अक्सर बुरे परिणाम लाता है"


 Moral Of The Story :-  


"हम भेड़ चाल चलने की आदि हैं, सही गलत का सोच विचार किए बगैर दूसरों के सुझाए रास्तों को ही सही मान लेते हैं और उस पर चलने की भूल कर बैठते हैं जो अक्सर हमें हानि पहुंचाती है"

              Writer
तो दोस्तो ये थी, हमारी आज की कहानी ये कहानी आपको कैसी लगी कृपया कमेंट करके हमें जरूर बताएं । हमें आपके बहुमूल्य विचारों का इंतजार रहेगा ।
आपके विचार हमारा मार्गदर्शन
  कहानी पसंद आई हो तो कृपया अपने दोस्तों और परिवार के लोगों को हमारी वेबसाइट www.MyNiceLine.com  के बारे में जरूर बताएं ।
  आप से request है कि, ऊपर दिए गए सोशल मीडिया साइट्स [facebook, twitter आदि] के Share बटन पर जाकर, इस कहानी को Share जरूर करें ताकि आप से जुड़े लोग भी इस कहानी का आनंद ले सकें और इससे लाभ उठा सकें ।
 हमारे, सभी नए पोस्ट्स की सूचना आप अपने Email मे प्राप्त करने के लिए, अपना Emai-id, नीचे दिए गए सब्सक्रिप्शन [Subscription] फार्म में भरकर हमें भेजें, यह बिल्कुल मुफ्त है !

 

 हमें Email-id भेजने के बाद, आपको एक कन्फर्मेशन Email  भेजा जाएगा, जिसमें केवल एक लिंक होगा और जिस पर आपके द्वारा एक क्लिक मात्र से ही इस बात की पुष्टि हो जाएगी कि आप हमारे New पोस्ट्स की सूचना अपने Emai-id में प्राप्त करना चाहते हैं । आपकी ईमेल आईडी,  किसी से शेयर नहीं की जाएगी और केवल नए पोस्ट्स की सूचना ही आपके मेल पर दी जाएगी, आप जब चाहे इस सेवा को बन्द भी कर सकते हैं । ये सेवा Google की एक सर्विस  FeedBurner द्वारा प्रदान की जाएगी ।
  हमारे YouTube वीडियोज को सबसे पहले देखने के लिए हमारे YouTube चैनल को सब्सक्राइब [Subscribe] करना ना भूलें, यह बिल्कुल मुफ्त है !


  अगर आपके पास कोई कहानी, विचार, जानकारी या कुछ भी ऐसा है जो आप इस वेबसाइट पर पोस्ट [Publish] करना चाहते हैं तो उसे कृपया अपने नाम और अपने फोटो के साथ हमें भेजें
  अपनी कहानी भेजें
 --या--
हमें ईमेल करें हमारी Email-id है:-
   [email protected]
  हम  आपकी पोस्ट को, आपके नाम और आपकी फोटो के साथ यहाँ www.MyNiceLine.com पर Publish करेंगे ।
  हमसे सोशल मीडिया साइट्स [facebook, twitter आदि] पर जुड़ने के लिए नीचे दिए गए follow बटन पर जाए और कृपया हमें follow करें ।
  हमारे FACEBOOK लाइक पेज को कृपया लाइक करें ।
  आपको यहाँ अबतक की सबसे नयी और अच्छी प्रेरणादायक हिन्दी कहानियो का संग्रह मिलेगा । ये हिन्दी कहानिया ऐसी है जो न सिर्फ मनोरंजन करती है बल्कि मनोरंजन के साथ-साथ ये हिन्दी स्टोरीज आपके जीवन मे एक सकारात्मक परिवर्तन भी लाती  हैं । प्रेरणादायक हिंदी कहानियों [Hindi Inspirational Stories] के  साथ-साथ यहाँ हिंदी प्रेम कहानियां [Hindi Love Stories] और सत्य घटनाओं पर आधारित सच्ची हिंदी कहानिया  [True Hindi Stories] भी मौजूद हैं । दिल को छू लेने वाली [Heart Touching Stories in Hindi] और जीवन में नया परिवर्तन लाने वाली  [Life Changing Stories in Hindi], सीख से भरी, इन हिंदी स्टोरीज को दूसरो से भी कृपया शेयर करें। So please read the big  collection of the latest and best  Inspirational Hindi  Stories . it's for all
loading...
MyNiceLine. com
MyNiceLine. com

MyNiceLine.com शायरी, कविता, प्रेरणादायक कहानीयों, जीवनी, प्रेरणादायक विचारों, मेक मनी एवं स्वास्थ्य से सम्बंधित वेबसाइट है । जिसका मकसद इन्हें ऐसे लोगों तक ऑनलाइन उपलब्ध कराना है जो इससे गहरा लगाव रखते हैं !!

Follow Us On Social Media

About Us | Contact Us | Privacy Policy | Subscribe Now | Submit Your Post