अक्ल बड़ी या भैंस पर कहानी| हाथी और चींटी की कहानी| अकल बड़ी की भैंस की कहानी| elephant and ant story in hindi. short hindi story on elephant and ant with moral


  दोस्तों आज हम आपको चींटी और हाथी की एक ऐसी कहानी सुनाने जा रहे हैं जो हर किसी के लिए बिल्कुल नई है और जिसे आज से पहले आपने कभी नहीं सुना होगा ।

अक्ल बड़ी की भैंस पर कहानी | Short Story On Elephant And Ant In Hindi


  एक बार समुद्र किनारे स्थित शांतिपुरम वन मे एक मदमस्त हाथी अपनी सूँड को इधर से उधर और उधर से इधर लहराते हुए चला जा रहा था । वैसे तो मदमस्त हाथी को यह सब करके  बड़ा मजा आ रहा था परंतु उसे नही पता था कि उसके इस क्रिया कलाप से किसी को असुविधा हो रही है ।
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  असल में हाथी जिस रास्ते से गुजर रहा था । वहां से ढेर सारी चीटियां अपने गंतव्य स्थल की तरफ जा रहीं थी । हाथी द्वारा अपनी सूँड को हवा में इस तरह से लहराने की वजह से उत्पन्न हवा के वेग के कारण चीटियां अपने मार्ग से भटक जा रहीं थी । 

  ऐसे में एक चींटी ने हाथी से कहा

 "हाथी भाई, हाथी भाई .. तुम ऐसा मत करो । तुम जब अपनी सूँड लहराते हुए चलते हो तो हवाओं का तूफान सा आ जाता है और हमें राह चलने में बड़ी कठिनाई होती है "

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 "मेरी सूँड, मैं जैसे चाहे वैसे घुमाऊ तुम्हें क्या, ज्यादा चु-चपड़ करोगी तो अपने पैरों के नीचे तुम्हे कुचल कर रख दूंगा"

 तब बड़ी ही मधुरता से चींटी ने हाथी का जबाब देते हुए कहा

  "किसी को भी, अपने बल  पर ज्यादा घमंड नहीं करना चाहिए क्योंकि बुरा समय आने पर हमारी समझदारी ही हमें मुसीबतों से बचाती है । ऐसे में तुम्हारा अपने इस विशालकाय शरीर पर घमंड करना मूर्खता है"

  तब हाथी ने कहा 
 "लगता है तुम्हारा अंत निकट है इसीलिए तुम्हारे मुख से ज्ञान की धारा रुकने का नाम नही ले  रही है" 
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  इस प्रकार चींटी द्वारा लाख समझाने के बावजूद हाथी दूसरों की फिक्र छोड़ अपनी ही धुन में लगा रहा ।

  गर्मियों का मौसम आया सभी जीव जंतु नदी किनारे क्रीड़ा कर रहे थे । तभी अचानक नदी में तेज तूफान आ गया । तूफान से भयभीत होकर सारे जीव-जंतु इधर-उधर भागने लगे । भागने वाले जंतुओं में हाथी भी शामिल था परंतु चींटिया इन सबके विपरीत इस आपात स्थिति से निपटने के लिए एक जगह इकट्ठा हो गई और देखते ही देखते एक-दूसरे की बांहे थामते हुए उन्होंने रोटीनुमा एक गोलाकार जाल बना लिया ।

    कुछ ही देर में नदी में उठा तूफान नदी के तट से होता हुआ जंगल मे प्रवेश किया । पानी का ये सैलाब एक के बाद एक सभी वन्य जीवों को अपने आगोश मेरी लेता चला गया परंतु जहां एक तरफ सभी जीव जंतु पानी के सैलाब में डूबकर अपनी जान गंवा रहे थे । वहीं रोटी सदृश्य बन चुकी चीटियों का झुंड बड़े ही मजे से पानी के तल पर मानो अंगड़ाईयां ले रहा था । 

  काफी देर बाद जाके तूफान शांत हुआ और नदी का पानी समतल मैदान से वापस नदी में जा पहुंचा परंतु अब जंगल का दृश्य पहले से काफी बदल चुका था । जंगल के अधिकांश जानवर अपना जीवन खो चुके थे । जंगल के उन मृत जीवों में हाथी भी था । वह अपने विशालकाय शरीर के बावजूद इस तूफान से नहीं जीत सका । वहीं बुद्धिमान चीटियां तूफान खत्म होते ही एक दूसरे से अलग हो गई और फिर से अपना जीवन जीने लगीं ।
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कहानी से शिक्षा | Moral Of This Best Inspirational Story In Hindi 


  अक्ल दुनिया में अद्वितीय है !

  दोस्तों इस कहानी से एक बात चरितार्थ होती है कि अक्ल सबसे बड़ी होती है । जिसके सहारे हम बड़ी से बड़ी विपदा से निपट सकते हैं इसीलिए हमें अपने विशालतम शरीर पर घमंड ना करते हुए हमेशा अपनी बुद्धिमत्ता का परिचय देना चाहिए क्योंकि हमारी  बुद्धिमानी ही हमें हर समस्याओं से उबार सकती है ।

                             

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   Writer
  Karan "GirijaNandan"
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