राजकुमार का पहला युद्ध था  दुश्मन राज्य मे अच्छे योद्धा थे वे अपनी क्रूरता के लिये भी प्रसिद्ध थे, युद्ध मे इन योद्धाओ  से यदि राजकुमार का मुकाबला हो गया तो उनको आसानी से हरा पाना राजकुमार के बस मे नही होगा ऐसा सभी मंत्री सोच रहे थे उन के विचार मे राजकुमार को इस युद्ध मे ले जाना ठीक नही था लेकिन राजा, राजकुमार  को इस युद्ध मे ले जाना चाहते थे ।  राजा ने राजकुमार को बुलाया

राजा– तुम युद्ध मे जाना चाहते हो, क्या तुम युद्ध के लिये तैयार हो?
राजकुमार – जी, मै पूरी तरह से तैयार हूँ
राजा – तुम को, विरोधी राज्य के युद्ध के तरीकों और उनके योद्धाओ के बारे मे जानकारी है
राजकुमार - जी महाराज मैंने सेनापति से मिल कर पूरी जानकारी ले ली है
राजा – कुछ जरुरी बाते जो ध्यान रखना
राजकुमार - जी महाराज
राजा – उनके  सेनापति जय से सावधान रहना वे बहुत ही कुशल  योद्धा है उसको पता है ये तुम्हारा पहला युद्ध है , वैसे वे ये भी जानता होगा की तुमने अभी दो शेरो का शिकार किया है फिर भी वे तुम पर पूरी नजर रखेगा ।

राजकुमार - मालूम है महाराज वह बड़ी कुशलता से युद्ध लड़ता है मै उसके बारे मे पहले भी सुन चुका हूँ ।
राजा – जब भी वे तुम्हारे सामने आये तुम उससे डरना बिल्कुल भी नही  उसकी आँखो मे आँखे डालकर युद्ध करना उसकी तरफ कभी भी पीठ मत करना , वह पीछे से वार करने मे बहुत माहिर है उसे कभी अपने पीछे मत आने देना ।

महारानी - जब आप जानते हो की वो इतना खतरनाक योद्धा है तो आप राजकुमार को ले ही क्यों जा रहे हैं महाराज
महाराज – महारानी आप को डरने कि कोई जरूरत नहीं है हमारे मुख्य योद्धा  राजकुमार के चारो तरफ रहेंगे , राजकुमार पर हमारी पूरी नजर रहेगी, हमे पता है वह राजकुमार को इतनी आसानी से हरा नहीं पायेगा।
महारानी – फिर भी महाराज, सेनापति  और  मंत्रीगण सभी जब मना कर रहे हैं तो आप क्यों जिद्द पर अड़े है ।
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महराज – जिद्द पर नहीं अड़ा हूँ महारानी , एक बार राजकुमार  ने ऐसे योद्धाओं को परास्त कर  दिया तो प्रजा मे राजकुमार के प्रति कितना विश्वास बढ़ेगा आप ने कभी सोचा है , राजकुमार इस राज्य के भावी राजा है  , हम ये युद्ध राजकुमार के बिना भी लड़ कर  जीत सकते हैं , लेकिन राजकुमार को युद्ध साहस के साथ लड़ना होगा। अपने सिपाहियों  और योद्धाओं के हौसले के लिये ।  हमारी पूरी कोशिश होगी कि  इस युद्ध के विजय नायक राजकुमार बने ।

महारानी  – महाराज हमारे सारे योद्धा जब राजकुमार को घेरे रहेंगे तो वह राजकुमार के पास आयेगा कैसे ।
महाराज – ये युद्ध है महारानी , सब युद्ध के समय राजकुमार के आस पास रहेंगे ,इसका ये मतलब   नही कि वे राजकुमार को घेर कर खड़े रहेंगे वे अपना युद्ध लड़ते हुए राजकुमार पर नजर रखे रहेंगे, राजकुमार कोई मामूली सिपाही नही हैं बस उनका ये पहला युद्ध है, वह भी ऐसे राज्य से हैं जिसमे अच्छे योद्धा हैं , वो इस राज्य के भावी राजा हैं प्रजा अपने  राजा मे बहुत कुछ देखती है , उसके पराक्रम उसकी  वीरता , प्रजा कि रक्षा करना राजा का फर्ज होता है , प्रजा को अपने राजा से बहुत सी उम्मीदें होती हैं प्रजा की  उम्मीद पर खरा उतरने के लिये ये सुनहरा अवसर है , इसलिए राजकुमारको युद्ध मे जाकर अपनी वीरता औल पराक्रम प्रदर्शन करना  होगा ।

  आखिरकार युद्ध प्रारंभ हो गया युवराज से जितनी ज्यादा उम्मीदें थी उतना ही ज्यादा उनपर दबाव भी था परंतु राजकुमार ने दृढता के साथ अपने पराक्रम का परिचय देते हुए विरोधी योद्धाओं को मात देने में कामयाब हासिल की ।

  आखिरकार जीत का सेहरा युवराज की माथे बधा पिता और राज्य की उम्मीदों के मुताबिक युवराज ने अपना सौ प्रतिशत देते हुए भावी राजा के लिए अपनी योग्यता को रणभूमि में प्रमाणित कर दिखाया ।

इस कहानी से क्या शिक्षा मिलती है:-

 आप से सभी को उम्मीदें होती हैं आप को उनकी उम्मीदों पर खरा उतरने की कोशिश करनी होती है ।  आप को ऐसा करना होगा जिससे आप उनकी उम्मीद पर खरा उतर सके ,इसके लिये आप को अपना 100% देना होगा  ।

  Prabhakar
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